माँ का आनंद
माँ का आनंद
भोजन अमृत बन जाता है
जब अम्मा की थाली सजती है,
मम्मी कहकर बुलाया है,
माँ ही जीना सिखाती
है
अम्मी जान, तुम खुदा हो.
लाख दुआओं की पहचान
हो
मदर मेरी का
त्याग और बलिदान हो,
माँ कौशल्या
की ममता की पहचान हो
जय माता दी
कहूँगा, जब तक जिंदा रहूँगा
जनमों जनमों तक मेरी माँ बनो,यही
प्रर्थना करूँगा
तुम जननी शूरवीरों
की, धरती
माँ का
तेज
हो
जीवनदायनी सर्वोपर्री सत सत नमन
तुम्हे, सत सत नमन





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